Indo-Nepal Border: मोतिहारी के झरोखर में भारत-नेपाल पुलिस की बड़ी बैठक, सीमा पर सूखे नशे और शराब तस्करी पर लगेगा पूर्ण विराम
मोतिहारी के झरोखर थाना में भारत और नेपाल पुलिस की अहम बैठक। इंडो-नेपाल सीमा पर सूखे नशे, शराब तस्करी और NDPS केस के फरार नेपाली अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए बनी संयुक्त रणनीति। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय मादक पदार्थों (Narcotics) के तस्करों और शराब माफियाओं के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले के इंडो-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में सूखे नशे और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह काबू पाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समन्वय बैठक (Coordination Meeting) आयोजित की गई।
यह हाई-लेवल बैठक झरोखर थाना परिसर में संपन्न हुई, जिसकी अगुवाई झरोखर थानाध्यक्ष असलम अंसारी ने की। इस बैठक में सीमा पार नेपाल के रौतहट थाना प्रभारी निरीक्षक के. डी. साह (K.D. Sah) ने अपनी टीम के साथ शिरकत की। दोनों देशों के पुलिस अधिकारियों के बीच सीमा सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई।
NDPS केस के नेपाली अभियुक्तों की जल्द होगी गिरफ्तारी
झरोखर थानाध्यक्ष असलम अंसारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों (Drugs Smuggling) की तस्करी को शून्य पर लाना है।
बैठक के दौरान दोनों देशों की पुलिस के बीच खुफिया जानकारी (Intelligence) साझा करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही, झरोखर थाना में दर्ज NDPS (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) कांड संख्या के तहत फरार चल रहे नेपाल निवासी मुख्य अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए नेपाल पुलिस के साथ एक ठोस रणनीति बनाई गई। नेपाल पुलिस ने आश्वासन दिया है कि भारतीय सीमा में अपराध कर नेपाल में शरण लेने वाले अपराधियों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर क्यों बढ़ी चिंता? पहले भी हो चुकी हैं बड़ी तस्करियां
मोतिहारी से सटी भारत-नेपाल सीमा खुली और बेहद संवेदनशील होने के कारण लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय तस्करों के रडार पर रही है। इस बैठक को सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय में इस रूट पर करोड़ों रुपये के ड्रग्स, चरस और जाली दस्तावेजों के सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है:
करोड़ों की चरस के साथ अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़: हाल ही में मोतिहारी पुलिस ने रक्सौल बॉर्डर के पास से 9 किलोग्राम हाई-क्वालिटी चरस के साथ 6 तस्करों को गिरफ्तार किया था। इस रैकेट का मास्टरमाइंड नेपाल का 'मेघराज' निकला, जो नेपाल में बड़े पैमाने पर गांजा की खेती कर भारत के कई राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई करता था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त ड्रग्स की कीमत करोड़ों में आंकी गई थी।
चाइनीज ड्रोन और कैमरों की बरामदगी: झरोखर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले एक तस्कर को पूर्व में आबकारी और सीमा शुल्क विभाग ने गिरफ़्तार किया था, जिसके पास से सीमावर्ती इलाके में 16 चाइनीज ड्रोन और 16 हाई-टेक कैमरे बरामद किए गए थे। यह खेप नेपाल के भंगाहा से बिहार लाई जा रही थी।
सुरक्षा बलों की पैनी नजर: एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस रूट पर सक्रिय इंटरस्टेट स्मगलिंग नेटवर्क से एसएसबी (SSB) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर अब तक करीब 39 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के चरस, हेरोइन और गांजा जैसी प्रतिबंधित सामग्री जब्त की है।
जानकारों का मानना है कि झरोखर पुलिस और नेपाल के रौतहट थाना पुलिस के बीच हुई यह समन्वय बैठक सीमावर्ती इलाकों में क्राइम ग्राफ को नीचे लाने में गेम-चेंजर साबित होगी। दोनों देशों की पुलिस द्वारा संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) और त्वरित कार्रवाई से न केवल सूखे नशे (Smack, Hashish, Ganja) के सौदागरों की कमर टूटेगी, बल्कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी। पटना से NBC 24 क लिए अंकित कुमार की रिपोर्ट |